Saturday, 10 February 2018

सारिका की सफलता की कहानी

ये कहानियों जो आपके सामने रखी जा रही है। ये सभी महिलाओं के संघर्ष की हैं। ये कहानियां बेहद आम महिलाओं की हैं। इनके पास न तो बड़ी डिग्री है और ना ही बहुत सा पैसा या अनुभव। ये सीधी-सादी सी सफलता की कहानियां आपको प्रेरित करें और सफलता की राह दिखाएं यही आशा है।
मु यमंत्री युवा उद्यमी योजना से देवास की सारिका चंद्रात्रे के जीवन में खुशहाली के रंग नुमाया हो गए हैं। इस योजना से जुड़कर आज वे सफल उद्यमी हो गई है। देवास शहर की सारिका पति अजय चन्द्रात्रे गायत्री विहार कालोनी की गृहणी है। जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित देवास में ष्ष्कलर उद्यमष् के लिये मु यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत आवेदन किया था। तब तो यह नहीं कहा जा सकता था कि वह औद्योगिक क्षेत्र में 6.7 लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाकर पुरूषों के बराबर खड़ी रह पायेंगी। लेकिन सारिका चन्द्रात्रे उन महिलाओं में से एक थी जो कि अपने पति के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर ष्ष्कलर उद्यमष् में सफलता अर्जित कर रहीं हैं।
दूसरों को दे रही हैं का सारिका ने बताया कि वह दो बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ा रही हैं तथा पति के सहयोग से कार्यकर 15 प्रतिशत मार्जिन रोजगार में प्राप्त हो रहा हैंए जो 6.7 कामगारों का वेतन एवं अन्य खर्च के बाद प्राप्त होता हैं। उन्होंने बताया कि वे कलर बनाने के साथ ही वाल पुट्टी का काम भी करते हैं तथा उनके द्वारा बनाये गये कलर कई प्रसिद्ध क पनियों के कलर के बराबर खरीदें जाते हैं। जो कोई भी उनके द्वारा बनाये गये कलर एक बार लेता या उपयोग करता हैं। उसकी मांग दूसरी बार भी होती हैं।
कारोबार को और बढ़ाएंगे उद्यमी सारिका ने बताया कि अब वे इस कारोबार को बडे स्तर पर ले जाना चाहते हैं। उन्होंने अभी पंजाब नेशनल बैंक औद्योगिक शाखा देवास से 25 लाख रुपए का ऋण लिया हैंए उसे शीघ्र ही जमाकर एक करोड़ रुपए का ऋण लेंगे।
मुख़्यमंत्री को दे रहे हैं धन्यवाद उद्यमी सारिका ने कहा मु यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा संचालित मुख़्यमंत्री युवा उद्यमी योजनाष् उनके लिए वरदान साबित हुई है। इस योजना का लाभ लेने के बाद उनका जीवन खुशनुमा हो गया है। इसके लिये वे सदा मुख़्यमंत्री जी को हृदय से धन्यवाद देंगी।

रजनी भटनागर के जीवन मे आया सकारात्मक बदलाव

अलीराजपुर। केन्द्र एवं राच्य शासन द्वारा महिलाओं को स्वावलम्बी तथा आत्म निर्भर बनाने के लिए कई योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन योजनओं का लाभ लेकर महिलाएं अपने परिवार का जीवन स्तर ऊंचा उठा रही है और अपने बच्चों का भविष्य भी उच्जवल बना रही है। अलीराजपुर की रहने वाली श्रीमति रजनी गिरीश भटनागर का जीवन भी इसी तरह का है। श्रीमति रजनी भटनागर की आर्थिक स्थिति कोई बहुत अच्छी नहीं थी। उनके पास स्वंय का कोई मकान भी नहीं था। किराये के मकान मे रहती थी। उनके २ पुत्र धनन्दजय तथा पार्थ मिलाकर परिवार में कुल चार सदस्य है। उनके पति पेंटिग, वाल पेंटिग, रिडियम का कार्य करते थे। एन.जी.ओ. मे प्रशिक्षण देने का इनका मुख्य कार्य था। सृजनात्मक संचार के क्षैत्र में काम किया। इतना ही नहीं उन्होंने वाटर शेड में भी काम किया। उन्हें माह में ब$डी मुश्किल से १० से १२ हजार रुपये तक की आय हो जाती थी। आज के भौतिक परिवार का खर्च चलाने में काफी कठिनाईता का समाना करना प$डता है। उन्होंने उद्योग विभाग से सम्पर्क किया और प्रधानमंत्री (ग्रामीण) स्वरोजगार योजना के अंतर्गत बैंक ऑफ बडौदा शाखा चन्द्रशेखर आजाद नगर में आवेदन प्रस्तुत किया। बैक द्वारा फ्लेक्स बनाने की मशीन के लिए १० लाख रुपये का ऋण प्रदाय किया गया ओर शासन द्वारा इस पर ३ लाख ५० हजार रुपये का अनुदान लाभ भी प्रदाय किया गया। उन्होंने इस ऋण राशि से फ्लेक्स मशीन, फर्नीचर, कम्प्यूटर, एल्युमिनियम सेक्सन, लेपटॉप इत्यादि की व्यवस्था की। उनका यह व्यवसाय बहुत अच्छा चल रहा है। वे प्रतिमाह १५ हजार रुपये की किश्त पिछले डे$ढ साल से लगातार बैंक में जमा कर रहे है। इतना ही नहीं उन्होंने ४.२५ लाख रुपये में अल्टो वाहन भी खरीदा है। इस वाहन की ७ हजार रुपये की प्रतिमाह किश्त बैंक में चुका रहे है। उनका फ्लेक्स बनाने का करोबार बहुत अच्छा चल रहा है। इसके फलस्वरुप घर का खर्चा व किश्ते आसानी से निकल जाती है। श्रीमति रजनी भटनागर ने बताया कि धीरे-धीरे स्वंय का मकान भी बना लेंगे। अब वें इस व्यवसाय से पूरी तरह संतुष्ट है।